पेयजल एवं स्‍वच्‍छता विभाग,


जल शक्‍ति मंत्रालय का संदेश


भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिनांक 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन (जेजेएम) की घोषणा की जो देश के सभी ग्रामीण परिवारों को नल जल उपलब्ध कराएगा। 3.8 लाख करोड़ रुपए की राशि निर्धारित करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य एक साथ मिलकर इस मिशन को आगे ले जाएंगे जिसमें जल संरक्षण, सिंचाई, वर्षा-जल संचयन, समुद्री जल अथवा अपशिष्ट जल प्रबंधन और किसानों के लिए ‘प्रति बूंद, अधिक फसल’ माइक्रो सिंचाई शामिल है। स्वच्छ भारत मिशन के समान यह मिशन भी जनता का आन्दोलन बनेगा जिसमें समाज के सभी वर्ग शामिल होंगे।

इस बीच विश्व में स्वच्छता के क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े व्यवहार परिवर्तन अभियान स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएम- जी) में स्वच्छता कवरेज अक्तूबर, 2014 के 38.70% से बढ़कर 2 अक्तूबर, 2019 को 100% हो गया है। स्वच्छ भारत की उपलब्धि महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती पर उनको एक श्रद्धांजली थी।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रमीण। के अंतर्गत, 10.11 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं, 5.99 लाख गांव, 699 जिले, 35 राज्य और केन्द्र शासित क्षेत्र खुले में शौच मुक्त घोषित किए गए हैँ। इस समय, संपूर्ण देश को ओडीएफ से ओडीएफ प्ल्स की ओर ले जाने के उद्धेश्य से ओडीएफ स्थायितव कार्यकलापों द्वारा ये बातें सुनिश्चत की जा रही हैं; सुरक्षित स्वच्छता के लिए स्थायी व्यवहार परिवर्तन; कोई भी पीछे छूट न जाए और कमियों को दूर करना; यायावर आबादी के लिए सामुदायिक शौचालय; जमीनी स्तर के सभी कार्यकलापों के लिए पुनश्चर्या प्रशिक्षण।

ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर वर्धित बल दिया जा रहा है जिसमें जैव-क्षय अपशिष्ट प्रबंधन; प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन; ग्रे-वॉटर प्रबंधन और मलजल प्रबंधन शामिल हैं।

विभिन्न स्वतंत्र अध्ययनों द्वारा यह साबित हो चुका है कि ग्रामीण भारत में परिवारों की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य पर स्वच्छता का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। राष्ट्रीय वार्षिक ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण (एनएआरएसएस) 2018-19 से पता चला है कि 63.3% ग्रामीण आबादी ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (ओडीएफ प्लस) का अनुसरण कर रही है।

इस वेब आधारित ज्ञान पोर्टल से उपयोगकर्त्ताओं को शीघ्र तथा प्रभावी रूप से स्वच्छता से संबंधित सूचना प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह सरल तथा सहयोगी पोर्टल राज्यों, जिलों तथा ग्राम पंचायतों की अच्छी प्रथाओं, स्थानीय उपायों तथा नवाचारों को रिकार्ड करेगा जिसकी सूचना वे सीधे अपलोड कर सकेंगे। आशा है कि इस वेब आधारित ज्ञान पोर्टल से एसबीएम और जेजेएम के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए ज्ञान और अनुभव को साझा करना सुविधाजनक हो जाएगा और एसबीएम तथा जेजेएम के साथ काम करने वाले व्यक्तियों को पूरे देश की समग्र जानकारी मिल सकेगी।

ज्ञान पोर्टल से लाभ प्राप्त करने के लिए उपयोगकर्त्ताओं को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने हेतु एक उपयोगकर्त्ता मार्गदर्शिका भी उपलब्ध है। इसमें उपयुक्त तथा सटीक ज्ञान का चयन करने, सत्यापन करने तथा साझा करने के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध‍ कराने के साथ-साथ विभिन्न फीचर का प्रयोग करने हेतु कदम-दर-कदम निर्देश तथा स्क्रीन शॉट सहित विस्तृत विवरण दिया गया है।